अगर आप चाहते हैं की आपका बच्चा एक अच्छा इंसान बने, तो कभी उसके सामने इन गलतियों को ना करें


यह लगभग हर माता पिता के साथ होता है कि बच्चों को, बिना कोई कारण जाने, गुस्सा आता है और वे दुर्व्यवहार करते हैं. सौभाग्य से, आप के लिए, यहाँ हम आपको ऐसी 5 ग़लतियो को बता रहे हैं जो कि हर माता पिता करते हैं और ये उन्हें अभी से ही करनी बंद कर देनी चाहिए!

अगर आप समय पर इस प्रकार के व्यवहार और हरकतों पर प्रतिक्रिया नहीं करते हैं, तो आप अपने बच्चों के जीवन में कुछ ग़लत नतीजों को न्योता दे रहे हैं.

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ये रही वो पाँच ग़लतियाँ जो अधिकतर माता-पिता आजकल कर रहे हैं :

आप अपने बच्चों से डर रहे हैं
उदाहरण: अगर बच्चा एक अलग कप से दूध पीना चाहता है, अपने सामान्य कप से नहीं, तो माता-पिता तुरंत एक और कप ढूँढने लगते हैं. वे बच्चो की ज़िद को इग्नोर नहीं करते. उन्हें डर होता है कि उनके बच्चे रोने लग जाएँगे या खाने से इनकार कर देंगे.
आपके बच्चों को आपको आदेश नहीं देना चाहिए. आपको सोचना चाहिए क्या आप उन्हें यह संदेश तो नहीं दे रहे कि आप उन्हें सब चीज़े , जो भी वो चाहते हैं, उनके रोने पर ही उन्हें देते हैं, अन्यथा नहीं.

बहाने बनाना ( “बच्चे तो ऐसे ही होते हैं”)
अगर आप ऐसे वाक्यांश का उपयोग करके सभी के सामने उनके दुर्व्यवहार और गुस्से को सही साबित करते हैं, तो आप अपने बच्चों को प्रेरित कर रहें हैं कि वे अपने दुर्व्यवहार को जारी रख सकते हैं और वे गैर जिम्मेदार भी रह सकते हैं.
आपको अपने बच्चों से जो उम्मीदें हैं, उन्हें आपको अपने बच्चो के सामने रखना चाहिए. इससे आप उन्हें ठीक से व्यवहार करना सिखा सकते हैं.

आप दूसरों को अपने बच्चे को डाँटने नही देते
पहले समय में, शिक्षकों और प्रोफेसरों को छूट होती थी कि वो हमारे बच्चों को उनके अनुचित व्यवहार के लिये गुस्सा करके सिखा सकते थे.
आजकल यह लगभग असंभव है क्योंकि अगर एक शिक्षक या एक कर्मचारी आपके बच्चे को कुछ समझाने की कोशिश करता है, तो आप गुस्सा हो जाते हैं. अगर आप ऐसा करते हैं, तो आप अपने बच्चों को ये बता रहे हैं कि वो दुर्व्यवहार कर सकते हैं और न ही आप, न ही शिक्षक, कर्मचारी या कोई भी उन्हें रोकने के लिए कुछ कर सकता है.

बच्चे सबसे पहली प्राथमिकता होते हैं
माता-पिता अपने बच्चों का बहुत ज़्यादा ख्याल रखने की कोशिश करते हैं. यह उनके विकास के लिए अच्छा है, लेकिन हमें भी बच्चों की ज़रूरत के हिसाब से एक समय सारिणी बनानी चाहिए, जैसे खाना, कपड़े, नर्सिंग और अन्य चीज़ें.
लेकिन माता-पिता उनकी सभी जरूरतों और इच्छाओं को पूरी करने के लिए आजकल एक अन्य स्तर पर जा रहे हैं. बच्चों के लिए वे अपने स्वयं के दायित्वों और मानसिक स्वास्थ्य को भी उन पर न्योछावर कर दे रहे हैं. वे जो चाहते हैं, आपको उन्हें वो सब कुछ नहीं देना चाहिये.

वे शॉर्टकट का फायदा उठाते हैं
आपको अपने बच्चों को धीरज रखना सिखाना चाहिए. उनको सीखना चाहिए की खुद का मनोरंजन कैसे करना है. उनको यह भी सीखना चाहिए कि जब भी वो चाहें तब ये ज़रूरी नहीं है कि खाना तैयार होगा और परोसा जा सकता है. इन सबके बाद, आपको अपने बच्चों को सिखाना होगा की उनको रसोई में मदद करने की जरूरत है. लेकिन उन्हें खाना पकाने की ज़रूरत नही है, केवल बर्तन आदि संभालने जैसे कामों में मदद करनी होगी.

इन सबसे बच्चों को मजबूत बनने में मदद मिलेगी. इन 5 ग़लतियों से बचें और अपने बच्चों के लिए एक बेहतर माता-पिता बनें!



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